नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को तिहरी उम्रकैद, Triple life imprisonment for father who raped minor daughter.
नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को तिहरी उम्रकैद
इंदौर कोर्ट का सख्त रुख – रिश्तों को कलंकित करने वाला दया का पात्र नहीं
इंदौर(मप्र)। जिला अदालत ने 12 वर्षीय नाबालिग बेटी से बलात्कार के मामले में पिता (35 वर्ष) को कठोर दंड देते हुए तिहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने फैसले में टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपी ने पिता-पुत्री जैसे पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है, इसलिए ऐसे अपराधी किसी भी प्रकार की दया के पात्र नहीं हैं।
Our YT Channel: BHARATAM NEWS
मामला ऐसे शुरू हुआ
पीड़िता की मां ने 21 जुलाई 2024 को पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि वर्ष 2012 में उसने आरोपी से प्रेम विवाह किया था। शादी से उन्हें दो संतानें हुईं – एक 12 वर्षीय बेटी (पीड़िता) और 6 वर्षीय बेटा। वर्ष 2020 में दंपति का तलाक हो गया, जिसके बाद बेटी पिता के पास रहने लगी जबकि बेटा मां के साथ रहने लगा।
पीड़िता ने मौसी को बताई आपबीती
रिपोर्ट के अनुसार, 21 जुलाई 2024 को बालिका अपनी मुंहबोली मौसी के पास रोते हुए पहुंची और बताया कि पिता अकेले में कई बार उसके साथ गलत काम करते हैं। पहली घटना लगभग दो वर्ष पहले नए घर में हुई थी और हाल ही में घटना दोबारा घटी। बच्ची ने यह भी बताया कि उसने दादी को कई बार शिकायत की, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद मौसी ने नानी को जानकारी दी, जिन्होंने बेटी (बालिका की मां) को बुलाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
Our YT Channel: BHARATAM NEWS
एक साल चली सुनवाई
प्रभारी डीपीओ राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि करीब एक साल चली सुनवाई के बाद 18 सितंबर 2025 को अदालत ने फैसला सुनाया। विशेष लोक अभियोजक सुशीला राठौर की पैरवी में अदालत ने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(L)/6, 5(N)/6 और 5(M)/10 के तहत दोषी ठहराया।
फैसला और दंड
अदालत ने आरोपी को तीन अलग-अलग आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 15 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। इसके साथ ही पीड़िता को मानसिक और शारीरिक क्षति को ध्यान में रखते हुए पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत 3 लाख रुपए मुआवजे की अनुशंसा भी की गई।




कोई टिप्पणी नहीं