टीआई लाइन अटैच भी हुए और एफआईआर भी हुई,विधायक ने खेला मास्टर स्ट्रोक, TI line attached and FIR was also filed, MLA played master stroke
टीआई लाइन अटैच भी हुए और FIR भी हुई विधायक ने खेला मास्टर स्ट्रोक
जागो मोहन प्यारे जागो!
एमपी की मोहन सरकार अपनों से घिरती नज़र आ रही है,एक विधायक आईजी कार्यालय में दंडवत हुए, दूसरे का कहना है कि सरकार ,शराब ठेकेदारों के सामने हो रही है दंडवत, अब तीसरे विधायक ने दे दिया इस्तीफा।
विधायक का इस्तीफा
गुरुवार को देवरी से भाजपा विधायक बृजबिहारी पटैरिया ने रात करीब 9:45 बजे विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा भेज दिया और वह केसली थाने में ही धरने पर बैठ गए।
नाराज़ विधायक ने दे दिया इस्तीफा
सागर जिले की देवरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक बृजबिहारी पटैरिया ने सोशल मीडिया पर एक पत्र जारी कर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। घटनाक्रम गुरुवार रात करीब 10. 30 बजे घटा है। उनका कहना है कि सत्ताधारी पार्टी के विधायक की बात ही नहीं सुनी जा रही तो फिर जनता की बात क्या सुनी जाएगी। साक्ष्य होने के बाद भी FIR दर्ज न करवा पाने से क्षुब्ध विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को सोशल मीडिया के माध्यम से इस्तीफा सौंप दिया।
क्या है मामला?
दरअसल वह सर्प दंश के एक मामले में डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर नहीं लिखे जाने से नाराज हो गए थे। केसली थाना क्षेत्र के ग्राम मेंढ़की में सर्पदंश से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। परिजन ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में डॉक्टर ने रिपोर्ट में सर्पदंश से मौत लिखने के एवज में मिलने वाले मुआवजे का 10% यानि 40 हजार रु. मांगे।
समर्थकों सहित थाने में ही दिया धरना
जब साक्ष्य होने के बाद भी पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की तो क्षेत्रीय विधायक थाने पहुंचे लेकिन फिर भी FIR दर्ज नहीं की गई। इस पर विधायक पटैरिया ने कहा कि- सत्ता पक्ष का विधायक होने के बाद भी अगर प्रमाण होने पर भी FIR नहीं हो पा रही तो इससे शर्मनाक बात क्या हो सकती है? और इसके तुरंत बाद इस्तीफा देते हुए अपने समर्थकों के साथ थाने में ही धरने पर बैठ गए। मंडल अध्यक्ष रामलखन सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह सहित मंडल के सभी पधाधिकारी एवं अन्य समर्थक भी धरने पर बैठे रहे।
डॉक्टर की कथित मनमानी
मामला दरअसल पुलिस और एक डॉक्टर की कथित मनमानी व रिश्वत मांगने से जुड़ा हुआ है। विधायक पटैरिया ने बताया कि मेरे विधानसभा क्षेत्र के मेंढ़की गांव के वयोवृद्ध धनसींग यादव की पिछले दिनों सर्पदंश से मौत हो गई थी। परिजनों ने इस बारे में केसली थाने में डॉक्टर पर FIR दर्ज कराना चाही तो टीआई अजय कुमार बैगा ने कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। इसके बाद धनसींग का पीएम करा दिया गया। विधायक पटैरिया के अनुसार मृतक का पोता रोहित यादव जब पीएम रिपोर्ट लेने गया तो उसे खाली हाथ लौटा दिया गया। रोहित का कहना था कि पीएम करने वाले डॉक्टर दीपक दुबे ने राज्य सरकार से मिलने वाली सहायता राशि 4 लाख रुपए की 10 प्रतिशत राशि रिश्वत के रूप में मांगी। यह राशि नहीं दी तो पीएम रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं। विधायक पटैरिया ने कहा कि मैंने रोहित को आरटीआई के तहत आवेदन लगाने को कहा तो डॉक्टर दुबे ने पीएम रिपोर्ट दे दी। लेकिन उसमें मौत का कारण सर्पदंश नहीं होना लिख दिया। इसके अलावा मृतक के सेम्पल जांच में भी लापरवाही बरती गई। मैं क्षेत्र का विधायक होने के नाते केसली थाने में उक्त डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने गया तो पुलिस ने इंकार करते हुए कहा कि सरकारी अधिकारी के खिलाफ ऐसे ही रिपोर्ट नहीं लिखी जा सकती। इसी बात पर से मैंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। जिसकी चिट्ठी मैंने सोशल मीडिया के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष को भेज दी है। विधायक पटेरिया ने कहा कि जब सिटिंग MLA पर FIR हो सकती है तो सरकारी अधिकारी पर क्यों नहीं?
प्रशासनिक कार्रवाई
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार केसली टीआई अजय कुमार बैगा को सागर एसपी द्वारा लाइन हाजिर कर दिया गया है एवं पीड़ित पक्ष की FIR भी लिख ली गई है।
FIR हुई दर्ज
विधायक के इस्तीफे के मास्टर स्ट्रोक से प्रदेश की राजनीति में सनसनी फ़ैल गई और तमाम अधिकारी एवं मंत्री चौकन्ने हो गए। फिर FIR भी दर्ज कराई गई, डॉक्टर का निलंबन भी हुआ और टीआई लाइन हाजिर भी किए गए।
विधायक प्रदीप पटेल ने कहा मेरा गुंडों से मर्डर करवा दो
रीवा के मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल बुधवार को रीवा आईजी कार्यालय व मऊगंज एसपी कार्यालय में दंडवत होकर बोले मेरा गुंडों से मर्डर करवा दो। शराब माफिया को पुलिस सरंक्षण दे रही है।
पटेल के समर्थन में उतरे विश्नोई
जबलपुर के पाटन से भाजपा विधायक अजय विश्नोई गुरुवार को पटेल के समर्थन में उतर आए और कहा- प्रदीप जी आपने सही मुद्दा उठाया है, पर क्या करें? पूरी सरकार शराब ठेकेदारों के आगे दंडवत लग रही है।











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