पुलिस वाले भी नहीं हैं सुरक्षित, Even policemen are not safe
मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले पुलिसकर्मी खुद सुरक्षित नहीं हैं।
एक साल के आंकड़े
पिछले एक साल के आंकड़ों से यह बात सामने आई है कि पुलिस पर हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में बताया कि 1 जनवरी 2024 से 30 जून 2025 के बीच पुलिसकर्मियों पर हमले की 461 घटनाएं हुईं, जिनमें 612 पुलिसकर्मी घायल हुए और 5 की जान चली गई। यह जानकारी कांग्रेस विधायक और पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन के सवाल के जवाब में दी गई।
also read : एमपी में उलझ सकता है प्रमोशन का मामला
Our YT Channel: BHARATAM NEWS
बड़े शहरों में स्थिति चिंताजनक
यह स्थिति तब और भी चिंताजनक हो जाती है जब हम इंदौर और भोपाल जैसे बड़े शहरों में अपराध के आंकड़ों को देखते हैं, जहाँ 9 दिसंबर 2021 से पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू है। इस प्रणाली का उद्देश्य अपराध नियंत्रण में सुधार लाना था, लेकिन सरकारी आंकड़े चौंकाने वाले हैं।
इंदौर में अपराध (9 दिसंबर 2021 से 12 जुलाई 2025)
* चोरी: 3061 मामले
* वाहन चोरी: 11567 मामले
* लूट: 532 मामले
* हत्या: 308 मामले
* महिलाओं पर अत्याचार: 5045 मामले
* अनुसूचित जाति-जनजाति पर अत्याचार: 409 मामले
भोपाल में अपराध (9 दिसंबर 2021 से 12 जुलाई 2025)
* चोरी: 2378 मामले
* वाहन चोरी: 5654 मामले
* लूट: 191 मामले
* हत्या: 158 मामले
* महिलाओं पर अत्याचार: 8664 मामले
* अनुसूचित जाति-जनजाति पर अत्याचार: 356 मामले
उठते हैं सवाल
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बावजूद अपराधों की संख्या में खास कमी नहीं आई है। पुलिस पर हमले और बढ़ते अपराध के ये आंकड़े राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।




कोई टिप्पणी नहीं