तहसीलदार-नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर, Tehsildar-Naib Tehsildar on indefinite pen down strike.
तहसीलदार - नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर
जिला कलेक्टर संदीप जी.आर. को सौंपा गया ज्ञापन
सागर (मप्र)- प्रदेशभर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं एसएलआर (SLR) अधिकारियों ने प्रशासनिक अव्यवस्थाओं, कर्मचारियों की भारी कमी और विभाजनकारी आदेशों के विरोध में 6 अगस्त 2025 से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है। इसी क्रम में तहसीलदार संघ द्वारा जिला कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई है।
हड़ताल की पृष्ठभूमि
प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक तहसील में एक तहसीलदार एवं दो नायब तहसीलदारों की पदस्थापना का आदेश दिया गया था, लेकिन राजस्व अधिकारियों की भारी कमी के चलते यह आदेश अब तक अमल में नहीं लाया जा सका। वर्तमान में जो अधिकारी कार्यरत हैं, उनके कार्यों में भी बिना समुचित योजना के फेरबदल कर दिया गया है — कुछ को फील्ड में भेज दिया गया, जबकि कोर्ट का कार्य अनुभवहीन अधिकारियों को सौंपा गया।
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कार्यालयीन अव्यवस्थाएं और समस्याएं
- तहसील कार्यालयों में प्रवाचकों की भारी कमी है।
- जो प्रवाचक हैं, वे या तो प्रशिक्षित नहीं हैं या कार्य करने में रुचि नहीं दिखा रहे, जिससे न्यायालयीन कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
- मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है — भवन, संसाधन, स्टाफ, प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था नदारद है।
- 8-9 वर्षों से प्रमोशन लंबित हैं, जिससे अधिकारी मानसिक रूप से भी हताश हैं।
- सरकार ने न्यायिक व गैर-न्यायिक कार्यों का विभाजन तो कर दिया है, लेकिन गैर-न्यायिक तहसीलदारों के लिए किसी प्रकार की प्रशासनिक व्यवस्था नहीं की गई है।
राजस्व अधिकारियों का विरोध
सरकार के इन असंगत आदेशों व उपेक्षा से राजस्व अधिकारियों में भारी असंतोष व्याप्त है। हड़ताल पर जाने से पूर्व अधिकारी कई बार ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचा चुके हैं, लेकिन अब तक ना तो कोई सुनवाई हुई है, ना ही कोई सकारात्मक कदम उठाया गया है।
तहसीलदार संघ की प्रमुख घोषणाएं
- 6 अगस्त 2025 से आपदा प्रबंधन को छोड़कर समस्त कार्यों से विरत रहने का निर्णय।
- सभी अधिकारी अपने शासकीय वाहन जमा करेंगे औरडिजिटल सिग्नेचर डोंगल सील बंद कर जिला अध्यक्ष को सौंपेंगे।
- आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप भी छोड़े जाएंगे।
- प्रतिदिन शाम 6 बजे स्थापना शाखा में संयुक्त उपस्थिति पत्रक पर हस्ताक्षर कर उपस्थिति दी जाएगी।
तहसीलदार संघ की मांगें
तहसीलदार संघ ने सरकार से मांग की है कि—
- विभाजनकारी योजना को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।
- राजस्व अधिकारियों को उनके मूल कार्यों से अलग करने वाले आदेशों को वापस लिया जाए।
- प्रत्येक तहसील में प्रयाप्त स्टाफ, संसाधन, प्रशिक्षण और पदस्थापना सुनिश्चित की जाए।
- लंबित प्रमोशनों को शीघ्र मंजूरी दी जाए।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन शीघ्र कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।




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