MP में वक्फ बोर्ड ने पूरे सिहाड़ा गांव को बताया अपनी संपत्ति,In MP, the Waqf Board declared the entire Sihada village as its property.
MP में वक्फ बोर्ड ने पूरे सिहाड़ा गांव को बताया अपनी संपत्ति ग्रामीण बोले - ये हमारी पुरखों की जमीन!
खंडवा(मध्य प्रदेश) - खंडवा जिले के सिहाड़ा गांव में वक्फ बोर्ड और ग्रामीणों के बीच ज़मीन विवाद ने तूल पकड़ लिया है। वक्फ बोर्ड ने पूरे गांव की जमीन को अपनी संपत्ति बताते हुए दावा किया है, जिसके विरोध में ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी पुरखों की जमीन है और वे पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
अब मामला ट्रिब्यूनल में
वक्फ ट्रिब्यूनल भोपाल से मिले नोटिस का जवाब देने के लिए सरपंच कोकिला बाई के प्रतिनिधि हेमंत चौहान और अधिवक्ता सोमवार को भोपाल पहुंचे। उनका कहना है कि वक्फ बोर्ड का दावा झूठा है और वे अपने पक्ष में सभी दस्तावेज पेश करेंगे।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
- नरेंद्र सिंह: “हमारे पूर्वज यहां के मालगुजार रहे हैं। 500 साल से हमारा परिवार यहां रह रहा है, वक्फ बोर्ड का दावा गलत है।”
- लखन मालाकार: “हिंदू-मुस्लिम परिवार मिलजुल कर रहते हैं। वक्फ बोर्ड की मनमानी नहीं चलेगी।”
- रोहित मालाकार: “हमारे पास शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज जमीन के दस्तावेज हैं, वक्फ बोर्ड इसे अपनी कैसे बता सकता है?”
- सावन राजपाली: “खसरा क्रमांक 781 में पूरा गांव दर्ज है, इसका टैक्स हम भरते हैं। प्रशासन को सच्चाई सामने लानी चाहिए।”
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प्रशासन की प्रतिक्रिया
महादेव राठौड़ (तहसीलदार ग्रामीण, खंडवा) ने बताया कि स्वामित्व योजना के ड्रोन सर्वे रिकॉर्ड के अनुसार जमीन शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज है। ग्राम पंचायत ने दरगाह कमेटी को अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया है।
वक्फ बोर्ड का पक्ष
जिला वक्फ बोर्ड सचिव रियाज खान ने कहा कि “विवाद केवल दरगाह की जमीन को लेकर है, पूरा गांव नहीं। पंचायत लोगों को गुमराह कर रही है।”
निष्कर्ष
सिहाड़ा गांव की जमीन को लेकर वक्फ बोर्ड और ग्रामीणों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। सोमवार को भोपाल ट्रिब्यूनल में पेश किए जाने वाले दस्तावेज इस विवाद के भविष्य का फैसला तय कर सकते हैं।
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