जन्म से लेकर दुनिया से विदाई तक… जुड़वा बहनों का अनोखा साथ, From birth to departure from the world… the unique companionship of twin sisters.
जन्म से लेकर दुनिया से विदाई तक… जुड़वा बहनों का अनोखा साथ
शाजापुर (मप्र)- मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से एक ऐसा किस्सा सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान और भावुक कर दिया। यहां 90 वर्षीय जुड़वा बहनें बरजूबाई और दुर्गाबाई का निधन एक ही दिन और लगभग एक ही समय पर हुआ। यह घटना गांव वालों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं रही, क्योंकि इन दोनों बहनों ने जीवन के हर पड़ाव पर एक-दूसरे का साथ निभाया और अंत में मौत भी उन्हें अलग नहीं कर सकी।
साथ जन्मीं, साथ पली-बढ़ीं
बरजूबाई और दुर्गाबाई का जन्म राजगढ़ जिले के खजूरी गांव में हुआ था। बचपन से ही दोनों बहनें अविभाज्य रहीं। उनका रिश्ता इतना गहरा था कि लोग कहते थे, "एक बहन के बिना दूसरी अधूरी है।" दोनों ने साथ खेला, पढ़ाई की और परिवार की जिम्मेदारियों को भी मिलकर संभाला।
Our YT Channel: BHARATAM NEWS
एक ही घर में शादी
जुड़वा बहनों का रिश्ता इतना गहरा था कि उनके विवाह भी एक ही परिवार में हुए। बरजूबाई की शादी रामसिंह से हुई और दुर्गाबाई का विवाह रामसिंह के भाई भादरसिंह से कराया गया। शादी के बाद दोनों बहनों का जीवन भी एक ही आंगन में बीता। परिवार के बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि उन्होंने हमेशा एक-दूसरे का साथ निभाया और कभी अलग नहीं रहीं।
90 वर्ष की उम्र में साथ विदा
जीवनभर साथ निभाने वाली ये दोनों बहनें अंतिम सांस तक एक-दूसरे के साथ रहीं। मंगलवार को दोनों ने लगभग एक ही समय पर प्राण त्याग दिए। यह खबर जैसे ही फैली, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
Our YT Channel: BHARATAM NEWS
गांव में भावुक माहौल
पासीसर गांव में दोनों बहनों की अर्थियां एक साथ उठीं। यह दृश्य इतना भावुक था कि हर किसी की आंखें नम हो गईं। लोग कहने लगे कि भगवान ने जैसे उनकी किस्मत को विशेष रूप से गढ़ा था। जन्म, विवाह और मृत्यु—हर चरण पर उनका साथ अटूट रहा।
Our YT Channel: BHARATAM NEWS
लोगों के लिए मिसाल बनी कहानी
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि यह एक दुर्लभ संयोग है। आज के समय में जहां रिश्ते अक्सर टूट जाते हैं, वहीं इन दोनों बहनों का जीवन लोगों के लिए मिसाल बन गया। उन्होंने अपने रिश्ते से यह साबित कर दिया कि सच्चा साथ जन्म-जन्मांतर तक निभाया जा सकता है।



कोई टिप्पणी नहीं