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कलेक्टर नहीं मिले तो कुत्ते को पहनाया ज्ञापन: कांग्रेस कार्यकर्ताओं का अनोखा विरोध प्रदर्शन, When the collector was not available, the memorandum was put on the dog: Congress's unique protest.

कलेक्टर नहीं मिले तो कुत्ते को पहनाया ज्ञापन: कांग्रेस कार्यकर्ताओं का अनोखा विरोध प्रदर्शन

Source:Social Media (सांकेतिक)

छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा ज़िले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा और हैरान कर देने वाला विरोध प्रदर्शन किया। कलेक्टर से मुलाकात नहीं होने पर कार्यकर्ताओं ने अपना गुस्सा ज़ाहिर करने के लिए एक कुत्ते के गले में ज्ञापन बांधकर प्रदर्शन किया। यह घटना अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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क्या है मामला?

दरअसल, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल जिला प्रशासन को किसानों और आम जनता की समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपना चाहता था। इसके लिए वे कई बार कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, लेकिन उनकी कलेक्टर से मुलाकात नहीं हो सकी। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बार-बार प्रयासों के बावजूद उन्हें समय नहीं दिया गया और उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया।

                                   Source:Social Media (सांकेतिक)

अनोखा विरोध प्रदर्शन

इस रवैये से नाराज़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखे तरीके से विरोध जताने का फैसला किया। उन्होंने एक कुत्ते को पास में पकड़ा और उसके गले में ज्ञापन की कॉपी बांध दी। फिर उसे कलेक्टर कार्यालय के बाहर छोड़ दिया, ताकि प्रतीकात्मक रूप से संदेश कलेक्टर तक पहुँच सके। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी भी की।

Source:Social Media (सांकेतिक)

कांग्रेस का बयान

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह प्रदर्शन प्रशासन की संवेदनहीनता और जनसमस्याओं की अनदेखी के खिलाफ था। उनका तर्क है कि जब जनता की आवाज़ नहीं सुनी जाती, तो विरोध जताने के लिए ऐसे प्रतीकात्मक तरीकों का सहारा लेना पड़ता है।

Source:Social Media (सांकेतिक)

प्रशासन की प्रतिक्रिया

हालांकि इस मामले पर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन को लेकर अधिकारियों में नाराजगी है और इसे अनुशासनहीनता की श्रेणी में देखा जा रहा है।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

इस विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। कुछ लोग इसे जनता की हताशा की अभिव्यक्ति बता रहे हैं, तो कुछ इसे अमर्यादित और प्रशासन का अपमान कह रहे हैं।

Source:Social Media (सांकेतिक)

अब प्रशासन क्या करेगा?

छिंदवाड़ा में हुआ यह अनोखा विरोध प्रदर्शन न सिर्फ ज़िला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि लोकतंत्र में जब जनता की आवाज़ अनसुनी रह जाती है, तो वह असामान्य तरीकों से अपना विरोध जताने पर मजबूर हो जाती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जनता की मांगों पर कितना ध्यान देता है।

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