कांग्रेस नेता का विवादित बयान: "लाड़ली बहनों को बोरियों में भर देंगे" Congress leader's controversial statement: "We will fill our beloved sisters in sacks"
राजगढ़ में कांग्रेस नेता का विवादित बयान: "लाड़ली बहनों को बोरियों में भर देंगे" BJP ने घेरा–पत्नी भी ले रही हैं योजना का लाभ
राजगढ़(मध्यप्रदेश)। कांग्रेस के नव-नियुक्त जिलाध्यक्ष प्रियव्रत सिंह के स्वागत कार्यक्रम में विवाद उस वक्त खड़ा हो गया जब जिला पंचायत सदस्य और कृषि समिति अध्यक्ष यशवंत गुर्जर ने मंच से "लाड़ली बहनों को बोरियों में भर देंगे" जैसा बयान दे डाला। वीडियो वायरल होते ही बीजेपी ने तीखा पलटवार करते हुए इसे महिलाओं का अपमान करार दिया है।
क्या बोले गुर्जर?
यशवंत गुर्जर ने कहा, "अबकी बार एक साथ जीतेंगे। लाड़ली बहनें, सबको बोरियों में भर देंगे।" इस बयान को लेकर कार्यक्रम में ठहाके जरूर लगे, लेकिन इसके राजनीतिक मायने जल्द ही भारी पड़ गए।
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गुर्जर की सफाई: “ये मेरे शब्द नहीं थे”
विवाद के बाद यशवंत गुर्जर ने मीडिया से कहा, "लाड़ली बहनों का अपमान मेरा इरादा कभी नहीं हो सकता। वह बात मैंने खुद नहीं कही, बल्कि एक बुजुर्ग ने मंच के पास ये बात कही थी, जिसे मैंने मंच से दोहराया। मैं तो खुद कहता हूं कि लाड़ली बहनों को ₹3000 महीने मिलना चाहिए।"
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा इस मुद्दा पर तूल देने की कोशिश की जा रही है।
Source:Social Media (सांकेतिक)
"महिलाओं का अपमान, कांग्रेस मांगे माफी" - बीजेपी
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने इस बयान की निंदा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा संचालित लाड़ली बहना योजना से लाखों महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक ताकत मिली है। "कांग्रेस नेता का यह बयान महिलाओं का सीधा अपमान है।"
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नारी के अपमान पर महाभारत हो चुका
भाजपा जिला महामंत्री देवी सिंह सौंधिया ने कहा, "यह भारत भूमि है, जहां नारी के अपमान पर महाभारत तक हो चुका है। कांग्रेस नेता को माफी मांगनी चाहिए।"
भाजपा का आरोप – खुद की पत्नी ले रहीं लाभ
बीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि यशवंत गुर्जर की पत्नी सिद्धि भाई खुद लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी हैं। इस पर गुर्जर ने कहा, "अगर मेरी पत्नी लाड़ली बहन नहीं है तो नाम काट दीजिए। योजना सबके लिए है, ना कि सिर्फ बीजेपी वालों के लिए।"
Source:Social Media (सांकेतिक)
अंदरूनी समीकरण और प्रियव्रत सिंह की नियुक्ति
कार्यक्रम में गुर्जर ने यह भी खुलासा किया कि जिले से 18 नाम संगठन के लिए भेजे गए थे, लेकिन राहुल गांधी ने खुद फोन कर प्रियव्रत सिंह को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। राजगढ़ पहुंचने पर प्रियव्रत सिंह का जोरदार स्वागत हुआ।
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