भाभी की आत्मा को लेने अस्पताल पहुंचा परिवार, 10 वर्ष पूर्व हो गई थी मौत,The family reached the hospital to collect the soul of the sister-in-law, who had died 10 years ago.
भाभी की आत्मा को लेने अस्पताल पहुंचा परिवार 10 वर्ष पूर्व हो गई थी मौत
•जिला अस्पताल का है मामला
•किसी को रोकता नहीं है अस्पताल प्रबंधन
•पहले भी भूत-प्रेत की पूजा होती रही है
मंदसौर (मप्र)- मध्यप्रदेश के मंदसौर में जहां 10 साल पहले अस्पताल में एक परिवार में भाभी की मौत हो गई थी, अब उसकी ‘आत्मा’ लेने परिवार अस्पताल पहुंच गया है। परिवार का कहना है कि भाभी की मौत के बाद उनके यहां सब बुरा हो रहा है। भाई का भी निधन हो गया। जिसके बाद कुछ लोगों ने कहा कि भाभी की आत्मा अस्पताल में ही रह गई है, उसे लेकर आओ। इसी की पूजा करवाई गई है। अस्पताल में पहुंचकर परिजनों ने पूजा-पाठ किया।
17 परिवार आ चुके पूजा करने 7 साल में
बताया गया है कि इस तरह के मामले करीब 2018 से काफी बढ़ गए हैं। पिछले सात साल में 17 परिवार यहां पूजा-पाठ करने आ चुके हैं। अस्पताल प्रबंधन इन मामलों को रोकने के बजाय आंख मूंदे देखता रहता है कोई रोक टोक नहीं करता।
अंधविश्वास से जुड़ी घटनाएं लगातार बढ़ रही
मंदसौर जिला अस्पताल में अंधविश्वास से जुड़ी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। लोग यहां आकर पूजा-पाठ करते हैं और अस्पताल में मृत स्वजन की आत्मा ले जाने का दावा करते हैं। यह सिलसिला लगातार चल रहा है।
किसी भी कर्मचारी ने रोक-टोक नहीं की
इसी कड़ी में सोमवार को जिले के नारायणगढ़ का परिवार जिला अस्पताल में पहुंचा, जहां 10 साल पहले हुई भाभी की मौत के बाद परिवार आत्मा लेने आया। वे अस्पताल परिसर में मुख्य द्वार पर काफी देर तक पूजा-पाठ करते रहे पर किसी भी कर्मचारी ने उनसे रोक-टोक नहीं की। नारायणगढ़ निवासी गोपाल व कारूलाल ने बताया कि 10 साल पहले जिला अस्पताल में हमारी भाभी गुड्डीबाई की मौत हो गई थी। तभी से घर में कुछ न कुछ परेशानी चल रही है। बाद में भाई की भी मृत्यु हो गई। तब हमसे किसी ने कहा कि भाभी की आत्मा अस्पताल में ही है, उसे घर लेकर आओ। इसलिए अब जिला अस्पताल में विधि-विधान से पूजा पाठ करके ले जा रहे हैं। इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने उन्हें नहीं रोका । सीएमएचओ डॉ जीएस चौहान ने कहा कि इस तरह के घटनाक्रम रोकने के लिए सुरक्षा गार्डों को निर्देश दे रखे हैं।




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