रानी अवंतीबाई लोधी राजकीय विवि में 142 विद्यार्थियों के साथ पढ़ाई हुई शुरू, प्रवेश 22 जुलाई तक, Studies started with 142 students in Rani Avantibai Lodhi Government University, admission till 22nd July
रानी अवंतीबाई लोधी राजकीय विवि सागर में 142 विद्यार्थियों के साथ पढ़ाई शुरू प्रवेश 22 जुलाई तक
सागर(एमपी)- रानी अवंतीबाई लोधी राजकीय विवि में पहले सत्र की पढ़ाई गुरुवार से शुरू हो गई। स्नातक, स्नातकोत्तर और डिप्लोमा के कुल 12 कोर्स में अब तक 142 विद्यार्थी प्रवेश करा चुके हैं।
किन कक्षाओं में लिया गया प्रवेश?
हालांकि पहले दिन पढ़ाई के लिए यूजी और पीजी में 3-3 विद्यार्थी ही पहुंचे थे। अब तक बीए में 40, बीकॉम में 10, पीजी में 30, बीएससी एग्रीकल्चर में 50 और 04 डिप्लोमा कोर्स में 12 विद्यार्थी प्रवेश ले चुके हैं। विवि में पढ़ाई शुरू होने के साथ ही बड़ी संख्या में विद्यार्थी पूछताछ के लिए भी पहुंच रहे हैं। कुलसचिव प्रो.शक्ति जैन ने बताया पहले चरण के तहत फीस जमा करने का शुक्रवार को अंतिम मौका है। प्रवेश के लिए दूसरे एवं अंतिम चरण की प्रकिया एमपी ऑनलाइन के माध्यम से शुरू हो गई है। 22 जुलाई अंतिम तारीख है।
राजकीय विवि में पढ़ाई शुरू, 45 कमरों में लगेंगी कक्षाएं
रानी अवंती बाई लोधी राजकीय विश्वविद्यालय सागर में पढ़ाई 18 जुलाई से शुरू हो गई हैं। यह भी एक सुखद संयोग ही है कि 18 जुलाई की तारीख को ही 1946 में सागर विवि (डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विवि सागर) की स्थापना हुई थी। मतलब जिस तारीख में सागर ही नहीं बल्कि प्रदेश के पहले विवि का शुभारंभ हुआ था, उसी तारीख को सागर में नवीन राजकीय विवि में पढ़ाई शुरू हुई है। सामाजिक न्याय विभाग की दिव्यांग जनों के लिए बनी बिल्डिंग के 60 कमरों में से 45 कमरे विवि के लिए मिले हैं। अभी इन्हीं में संचालन होगा।
क्यों हुई है राजकीय विश्वविद्यालय की स्थापना?
केंद्रीय विश्वविद्यालय में स्थानीय विद्यार्थियों को प्रवेश न मिलने के चलते ही राजकीय विवि सागर में शुरू हुआ है। शैक्षणिक सत्र का औपचारिक शुभारंभ मंगलवार को नए आरटीओ के पास स्थित भवन में हुआ। यहां पर स्नातक में बीए, बीकॉम और बीएससी एग्रीकल्चर, स्नातकोत्तर में हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, भूगोल और एमकॉम के अलावा चार डिप्लोमा कोर्स में भी पढ़ाई होगी। कुलसचिव प्रो. शक्ति जैन ने बताया प्रवेश प्रक्रिया अभी जारी है। एक राउंड के लिए विशेष काउंसिलिंग होगी। शुरुआत के इस मौके पर ओएसडी डॉ. भावना यादव, अग्रणी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजीव दुबे, जनभागीदारी समिति अध्यक्ष नितिन बंटी शर्मा, विधायक प्रतिनिधि प्रासुक जैन, डॉ. अमर कुमार जैन आदि मौजूद रहे थे।
मांगे थे 35 शिक्षक, अभी 8 आए
पढ़ाई के लिए विवि की ओर से 35 शिक्षकों की मांग की गई थी। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अभी 8 शिक्षक ही भेजे गए हैं। इनमें प्रो. रजनी दुबे राजनीति विज्ञान, डॉ. अलका पुष्पा निशा अंग्रेजी, डॉ. मिथलेश शरण चौबे हिंदी, डॉ. भावना पटेल भूगोल, डॉ. मुकेश कुमार अहिरवार इतिहास, डॉ. प्रदीप श्रीवास्तव वाणिज्य, डॉ. एमके मिश्रा वनस्पति शास्त्र एवं डॉ. स्वर्णलता तिवारी संस्कृत के नाम शामिल हैं। लिपिकीय कार्य के लिए शीतल सोनी, आर्यन प्रताप सिंह राजपूत, आकाश कोरी एवं कंप्यूटर ऑपरेटर खूब सिंह लोधी,प्यून अजय यादव को भेजा गया है।







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