रीयल लाइफ़ गजनी, 22 दुश्मनों के नाम गुदवा रखे थे अपनी जांघ पर,Real life Ghajini, had tattooed the names of 22 enemies on his thigh,
रीयल लाइफ़ का गजनी जिसने 22 दुश्मनों के नाम गुदवा रखे थे अपनी जांघ पर
फिल्म गजनी के जैसे गुदवाए दुश्मनों के नाम
पुलिस ने एक RTI एक्टिविस्ट के मर्डर के आरोप में तीन लोगों को अरेस्ट किया है। मृतक ने अपनी जांघ पर 22 दुश्मनों के नाम टैटू के जरिए गुदवा रखे थे। उसे इनमें से ही किसी पर उसकी हत्या करने का शक था।
टैटू में जिनके नाम लिखे,मर्डर भी उनमें से ही किया
गजनी फिल्म के हीरो को भूलने की बीमारी थी और इसी बीमारी के चलते हीरो ने अपने जिस्म पर अपने दुश्मनों के नाम और नंबर गुदवा रखे थे।
कहां की है वारदात?
मुंबई में गजनी फिल्म वाली इस कहानी से मिलती-जुलती एक रियल लाइफ स्टोरी प्रकाश में आई है, जिसमें बिल्कुल गजनी की तरह ही एक शख्स ने अपने जिस्म पर उसके 22 दुश्मनों के नाम गुदवा रखे थे। उसे गजनी की तरह भूलने की बीमारी तो खैर नहीं थी, लेकिन ये शख्स अपने इन 22 दुश्मनों के नामों के साथ ही रोज़ाना जीता-मरता था, कमाल तो यह है कि उसके क़त्ल के बाद उसके जिस्म पर लिखे इन नामों में उसके क़ातिल का नाम छठवें नंबर पर था।
टैटू के ज़रिए 22 दुश्मनों के नाम जांघों पर गुदवाए
इस अजीब और चौंकाने वाली मर्डर मिस्ट्री की शुरुआत वर्ली के 'सॉफ्ट टच स्पा' से होती है। बुधवार की सुबह इस स्पा से पुलिस को एक कॉल आती है कि स्पा के अंदर एक शख्स का क़त्ल हो गया है। खबर सुनते ही वर्ली पुलिस की टीम बताई गई जगह पर पहुंचती है, जहां पुलिस को खून से लथपथ एक लाश मिलती है, जिसका क़त्ल धारदार हथियार के वार से किया गया था। जब पुलिस मरने वाले की लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाती है तो लाश देख कर पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी चौंकते हैं क्योंकि मरने वाले शख्स की दोनों जांघों पर एक दो नहीं, बल्कि पूरे 22 नाम लिखे थे। कहा जाए कि उसकी जांघों पर टैटू के ज़रिए 22 लोगों के नाम की पूरी की पूरी जैसे लिस्ट ही छपी हुई थी।
शख्स ने आखिर ऐसा क्यों किया?
अब सवाल था कि इस शख्स ने आखिर ऐसा क्यों किया? जांघ पर इस तरह टैटू के ज़रिए 22 लोगों के नाम लिखवाने के पीछे का क्या रहस्य था? मृतक के, गुदे हुए नाम वालों के साथ कैसा कनेक्शन था? जब पुलिस की नज़र इस लिस्ट में लिखे नामों के साथ-साथ सबसे ऊपर लिखी लाइन पर गई, तो जल्द ही इस राज़ पर से भी पर्दा उठ गया, क्योंकि इस लाइन में लिखा था- "मेरे दुश्मनों का नाम मेरी डायरी में लिखा है। इसकी जांच कर कार्रवाई करें।"
'डबल श्योर' होने के लिए गुदवाए नाम
इस लिखी गई लाइन में बात तो डायरी की हो रही थी, लेकिन शायद मरने वाले ने डायरी के साथ-साथ 'डबल श्योर' होने के लिए अपनी जांघ पर भी अपने इन्हीं दुश्मनों के नाम लिखवाए थे। फिर भी सवाल ये था कि आख़िर ये शख्स कौन था? और वो किस पेशे से जुड़ा था, कि उसके दुश्मनों की लिस्ट इतनी लंबी थी? इसी बीच जब पुलिस की नज़र दुश्मनों की इस लंबी लिस्ट के छठे नंबर पर लिखे एक नाम पर गई, तो इस राज़ से भी पर्दा उठ गया। ये नाम किसी और का नहीं बल्कि उसी शख्स का था, जिसके स्पा के अंदर इस शख्स का क़त्ल हुआ था,संतोष शेरेकर। ये स्पा संतोष शेरेकर का ही था और अपने स्पा में एक शख्स का क़त्ल हो जाने की खबर भी सबसे पहले संतोष शेरेकर ने ही पुलिस को दी थी।
मृतक गुरु वाघमारे आरटीआई एक्टिविस्ट था
अब तक की पड़ताल में मरने वाले शख्स की पहचान हो चुकी थी। शख्स 52 साल का गुरु वाघमारे था। एक आरटीआई एक्टिविस्ट, जिसका काम ही आरटीआई के ज़रिए लोगों की कमियां ढूंढना,उन्हें कार्रवाई की धमकी देना और शायद ब्लैकमेल कर रुपयों की वसूली करना था और शायद यही वजह रही होगी कि उसके दुश्मनों की लिस्ट इतनी लंबी हो गई थी। जल्द ही जांच में ये भी साफ हो गया कि वाघमारे, संतोष शेरेकर को भी पिछले कई सालों से ब्लैकमेल कर उससे वसूली भी कर रहा था। ज़ाहिर है, इसी वजह से वाघमारे की संतोष शेरेकर से दुश्मनी भी हो गई थी और वाघमारे ने अपने दुश्मनों की लिस्ट में छठे नंबर पर संतोष शेरेकर का नाम भी लिखवा रखा था।
आखिर स्पा में कैसे पहुंचा मृतक?
अब सवाल था कि गुरु वाघमारे, संतोष शेरेकर के स्पा में कैसे पहुंचा? यहां उसका क़त्ल किसने किया? जब पुलिस ने इसे लेकर स्पा मालिक शेरेकर से पूछताछ की, तो ये भी साफ हो गया। शेरेकर ने पुलिस को बताया कि वाघमारे बीती रात करीब साढ़े बारह बजे , करीब 21 साल की उम्र वाली अपनी एक गर्लफ्रेंड के साथ उसके स्पा में पहुंचा था। तब तक स्पा में काम करने वाले स्टाफ के लोग घर जा चुके थे और खुद उसे भी सुबह ही ये पता चला कि उसके स्पा में गुरु वाघमारे का क़त्ल हो चुका है। यानी वारदात बेशक शेरेकर के स्पा में हुई थी, लेकिन उसे इस वारदात की खबर न थी। उसका कहना था कि वो तो सुबह जब वाघमारे की गर्लफ्रेंड ने उसे क़त्ल की बात बताई तब वो स्पा पहुंचा और लाश देख कर पुलिस को खबर की।
वाघमारे, गर्लफ्रेंड के साथ गया था
पुलिस ने वाघमारे की गर्लफ्रेंड से पूछताछ करने के साथ बीती रात की पूरी घटना को समझने की कोशिश की। गर्लफ्रेंड ने बताया कि मंगलवार को गुरु वाघमारे का बर्थडे था और वाघमारे ने अपना बर्थडे उसी के साथ सेलिब्रेट किया । वो दोनों पहले एक,बार में गए थे, जहां उन्होंने साथ में ड्रिंक लिया और फिर वाघमारे उसे लेकर 'सॉफ्ट टच स्पा' चला आया। गर्लफेंड ने बताया कि बीती रात वाघमारे ने स्पा के मैनेजर और एक स्टाफ को भी पार्टी दी थी, जिसके बाद वो वाघमारे के साथ स्पा गई, जबकि स्पा का स्टाफ अपने घर चला गया था। स्पा में वो रात को एक कमरे में सोने के लिए चली गई और जब सुबह करीब साढ़े नौ बजे नींद खुली तो देखा कि वाघमारे का क़त्ल हो चुका है। यानी स्पा मालिक शेरेकर और गर्लफ्रेंड दोनों रात को वाघमारे को जिंदा देखने की बात कह रहे थे लेकिन क़त्ल की वारदात से खुद को अनजान बता रहे थे।
सीसीटीवी कैमरों को खंगाला
पुलिस ने सच्चाई को जानने के लिए टेक्निकल इनवेस्टिगेशन शुरुआत किया। बार से लेकर स्पा के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया गया, जिस बार में स्पा पहुंचने से पहले गुरु वाघमारे और उसकी गर्लफ्रेंड अपना बर्थ डे सेलिब्रेट करने पहुंचे थे और इस कोशिश में पुलिस को बार से लेकर स्पा के बाहर तक कुछ संदिग्ध लोगों की तस्वीरें नजर आईं। पुलिस ने देखा कि जिस बार में दोनों बर्थ डे सेलिब्रेट करने पहुंचे थे, उस बार के बाहर रेनकोट पहने दो संदिग्ध एक स्कूटी से वाघमारे का पीछा कर रहे थे। पुलिस ने पाया कि रेनकोट पहने यही दोनों लोग बीती रात भी स्कूटी से स्पा तक पहुंचे थे। असल में वाघमारे के स्पा पहुंचने के करीब एक घंटे बाद ये दोनों संदिग्ध स्पा तक आए और स्पा के करीब ही एक पान की दुकान पर रुके रहे। दोनों के पान की दुकान पर रुकने की तस्वीरें भी सीसीटीवी में कैद हो गईं।
कैसे पकड़े गए आरोपी ?
पुलिस ने बिना वक्त बिताए पान वाले से पूछताछ की। तब पता चला कि बीती रात रेनकोट वाले दोनों संदिग्ध ने उसकी दुकान से गुटखा खरीदा और दोनों ने गुटखे के पैसे यूपीआई से चुकाए थे। ये पुलिस के लिए एक बड़ा क्लू मिल गया था। पुलिस ने फौरन दुकानदार के जरिये यूपीआई पेमेंट करने वाले का नाम और फोन नंबर पता किया और इसी के साथ फिरोज अंसारी नाम के उस शख्स के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी सीडीआर निकलवाई ताकि ये पता चल सके कि क़त्ल से पहले या क़त्ल के बाद उसकी किससे बात हुई थी। पुलिस ये देख कर हैरान रह गई कि जो स्पा मालिक संतोष शेरेकर खुद को वाघमारे के क़त्ल से बेखबर बता रहा था, रेनकोट पहन कर वाघमारे का पीछा करने वाले फिरोज अंसारी की उसी शेरेकर से लगातार बात हो रही थी।
आरोपी ने किया कुबूलनामा
क़त्ल ना सिर्फ स्पा मालिक शेरेकर के ठिकाने पर हुआ, बल्कि खुद शेरेकर के इशारे पर ही हुआ था। अब पुलिस ने शेरेकर पर शिकंजा कसा और जिसके बाद उसके पास सच्चाई कबूल करने के सिवाय कोई रास्ता नहीं था। शेरेकर ने बताया कि मंगलवार की रात उसी के कहने पर फिरोज़ अंसारी और साकिब अंसारी ने गुरु वाघमारे की जान ली । वाघमारे के स्पा के अंदर पहुंचने के करीब एक घंटे बाद फिरोज और साकिब स्पा में पहुंचे थे। तब तक स्पा का स्टाफ घर जा चुका था। दोनों ने पहले उसकी गर्लफ्रेंड को एक कमरे में पहुंचाया और फिर अपने साथ लाई गई कैंची के ब्लेड से वार कर वाघमारे का क़त्ल कर दिया था। कहानी साफ होते ही पुलिस ने शेरेकर के साथ-साथ वारदात को अंजाम देने वाले दोनों क़ातिलों में से एक फिरोज अंसारी को गिरफ्तार कर लिया और बाद में फिरोज की निशानदेही पर उसके दूसरे साथी साकिब अंसारी को राजस्थान के कोटा शहर में गरीब रथ एक्सप्रेस से दबोच लिया गया। साकिब क़त्ल के बाद दिल्ली भागने की फिराक में था।
आखिर शेरेकर ने वाघमारे का क़त्ल क्यों करवाया?
सवाल ये था कि आखिर शेरेकर ने वाघमारे का क़त्ल क्यों करवाया? उसने इस वारदात की साज़िश कैसे रची? तो आगे पुलिस को इन सवालों का जवाब भी मिल गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी संतोष शेरेकर ने वाघमारे की हत्या के लिए 6 लाख रूपए हत्यारों को दिए थे, क्योंकि वाघमारे उसे ब्लैकमेल कर रहा था। इसी बात से परेशान होकर शेरेकर ने इस हत्या की प्लानिंग रची और भाड़े के हत्यारों से मर्डर करवाया। पुलिस अब अपना केस कोर्ट में मजबूत करने के लिये आगे की कार्रवाई में जुट गई है। मुंबई पुलिस अपनी आगे की कार्रवाई में लगी हुई है।






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