महाराजा छत्रसाल बुन्देलखंड विश्वविद्यालय को UGC ने किया डिफाल्टर घोषित,Maharaja Chhatrasal Bundelkhand University declared defaulter by UGC.
महाराजा छत्रसाल बुन्देलखंड विश्वविद्यालय डिफाल्टर घोषित, क्या है कारण?
छतरपुर के महाराजा छत्रसाल बुन्देलखंड विश्वविद्यालय को डिफाल्टर घोषित कर दिया गया है. पिछले दिनों विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा मध्यप्रदेश के 18 विश्वविद्यालयों की सूची जारी कर उन्हें डिफाल्टर घोषित किया गया था, जिसमें छतरपुर का महाराजा छत्रसाल बुन्देलखंड विश्वविद्यालय भी शामिल है. यह कार्रवाई यूजीसी के निर्देशों का पालन न करने वाले विश्वविद्यालयों पर की गई है, जबकि छतरपुर विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने यूजीसी के निर्देशों का पालन किया है, इसलिए विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है.
लोकपाल की नियुक्ति, 2023 में ही कर दी थी
इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलसचिव यशवंत सिंह पटेल का कहना है कि यूजीसी ने महाराजा छत्रसाल बुन्देलखंड विश्वविद्यालय को लोकपाल की नियुक्ति न किए जाने पर डिफाल्टर घोषित किया गया है, जबकि हमने यूजीसी के आदेश पर सितंबर 2023 में लोकपाल की नियुक्ति कर दी थी और इसकी यूजीसी को जानकारी भी भेज दी थी. उन्होंने कहा कि चूंकि हमने यूजीसी के निर्देशों का पालन किया है, इसलिए यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है.


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