'राहुल' बनकर अब्दुल ने युवती को प्रेमजाल में फंसाया, फिर दी जान से मारने की धमकी, Posing as Rahul, Abdul lured a young woman into a love affair and then threatened to kill her.
'राहुल' बनकर अब्दुल ने युवती को प्रेमजाल में फंसाया, फिर दी जान से मारने की धमकी
मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत आरोपी गिरफ्तार; शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और जबरन गर्भपात का आरोप
जबलपुर(मप्र) - मध्य प्रदेश के जबलपुर से पहचान छिपाकर प्यार और धोखेबाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक विवाहित युवक ने खुद को हिंदू और कुंवारा बताकर एक 22 वर्षीय युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाया। आरोपी ने न केवल युवती का शारीरिक शोषण किया, बल्कि गर्भवती होने पर उसके साथ मारपीट कर जबरन गर्भपात भी करा दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया है।
दोस्ती से शुरू हुआ धोखे का खेल
पीड़ित युवती ने पुलिस को बताया कि पिछले साल मार्च में काम के सिलसिले में उसकी मुलाकात अब्दुल फराज खान से हुई थी। अब्दुल ने अपनी पहचान 'राहुल' के रूप में बताई और खुद को अविवाहित बताया। धीरे-धीरे बातों का सिलसिला बढ़ा और अब्दुल ने युवती का भरोसा जीत लिया।
जून माह में आरोपी युवती को भंवरताल स्थित एक होटल में ले गया, जहाँ उसने शादी का झांसा देकर पहली बार उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह लगातार युवती का शारीरिक शोषण करता रहा।
गर्भवती होने पर क्रूरता और ब्लैकमेलिंग
जब युवती दो माह की गर्भवती हो गई, तो उसने अब्दुल से शादी करने का दबाव बनाया। सच्चाई सामने आते ही अब्दुल का व्यवहार बदल गया। उसने शादी से साफ इनकार कर दिया और युवती के साथ मारपीट की। आरोप है कि अब्दुल ने युवती को जबरन गर्भपात की दवा खिला दी, जिससे उसका गर्भ गिर गया।
जब युवती ने पुलिस में जाने की बात कही, तो आरोपी ने उसके अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी और उसे जान से मारने की बात कहकर ब्लैकमेल करने लगा। इसी दौरान युवती को पता चला कि जिसे वह राहुल समझ रही थी, वह असल में दो बच्चों का पिता अब्दुल फराज है।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी शिकंजा
हिम्मत जुटाकर युवती ओमती थाना पहुँची और अपनी आपबीती सुनाई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शनिवार को पुराना बस स्टैंड के पास से अब्दुल फराज खान को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय के आदेश पर उसे नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है।
मप्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 में कड़ी सजा
मध्य प्रदेश में अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर विवाह या शारीरिक शोषण करने वालों के खिलाफ कानून बेहद सख्त है:
• सजा का प्रावधान: दोष सिद्ध होने पर आरोपी को 2 से 10 वर्ष तक की जेल और न्यूनतम 50,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है।
• शून्य विवाह: यदि विवाह केवल मतांतरण के उद्देश्य से किया गया हो, तो उसे न्यायालय द्वारा अमान्य घोषित किया जा सकता है।
• BNS की धाराएं: पहचान छिपाकर सहमति प्राप्त करना और शादी का झांसा देना अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत भी गंभीर अपराध है।


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