आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन; देवरी में 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा, सड़क पर उतरीं महिला कर्मी Anganwadi workers protest; a memorandum of 21-point demands was submitted in Deori, and women workers took to the streets.
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन; देवरी में 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा, सड़क पर उतरीं महिला कर्मी
देवरी में 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा; पोषण ट्रैकर ऐप और घटिया मोबाइल को बताया बड़ी समस्या
सागर (मप्र)- मध्य प्रदेश में सागर जिले के देवरी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका यूनियन (एटक) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर हुंकार भरी है। गुरुवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया और अपनी 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन एसडीएम कार्यालय में नायब तहसीलदार आरके चौधरी को सौंपा। यह ज्ञापन प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री के नाम संबोधित है।
मुख्य मांगें: वेतन वृद्धि और नियमितीकरण
प्रदर्शनकारियों की सबसे प्रमुख मांग उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित करने की है। यूनियन का कहना है कि वर्तमान में मिलने वाले 15 हजार रुपए के मानदेय में घर चलाना असंभव हो गया है। उनकी प्रमुख वित्तीय मांगें इस प्रकार हैं:
• न्यूनतम वेतन: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को ₹35,000 और सहायिका को ₹30,000 प्रति माह मिले।
• पेंशन सुविधा: सेवानिवृत्ति के बाद ₹20,000 मासिक पेंशन सुनिश्चित की जाए।
• बीमा कवर: ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर ₹1 करोड़ का बीमा और परिवार को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।
• ग्रेच्युटी: सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ग्रेच्युटी अधिनियम के तहत भुगतान किया जाए।
पोषण ट्रैकर ऐप और तकनीक पर उठाए सवाल
कार्यकर्ताओं ने तकनीकी समस्याओं को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की। ज्ञापन में विशेष रूप से पोषण ट्रैकर ऐप की विफलता का उल्लेख किया गया है। कार्यकर्ताओं के अनुसार:
• ऐप की भाषा: ऐप का अंग्रेजी में होना बड़ी बाधा है, जिससे काम में गलतियां होती हैं।
• घटिया उपकरण: शासन द्वारा दिए गए मोबाइल और सिम कार्ड की गुणवत्ता बेहद खराब है, जिससे डेटा एंट्री में दिक्कत आती है।
• फेस आईडी की अव्यावहारिकता: फेस कैप्चर और ओटीपी के माध्यम से राशन वितरण (THR) करना व्यावहारिक नहीं है, इसे तत्काल बंद करने की मांग की गई है।
पदोन्नति और अन्य मांगें
यूनियन ने विभाग में करियर ग्रोथ और सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी कई सुझाव दिए हैं:
• प्रमोशन: सहायिका से कार्यकर्ता और कार्यकर्ता से सुपरवाइजर के पदों पर हर 5 साल में पदोन्नति हो।
• अवकाश: वार्षिक छुट्टियों की संख्या बढ़ाकर 40 दिन की जाए और सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष हो।
• पीएफ कटौती: भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रतिमाह पीएफ (PF) काटा जाए।
• शिक्षा नीति: नई शिक्षा नीति को वापस लेने और पुराने श्रम कानूनों को बहाल करने की भी मांग उठाई गई।
प्रदर्शन में इनकी रही मौजूदगी
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष सूरज लोधी ने किया। इस दौरान निशा कुर्मी, निधि तिवारी, रागनी जैन, पीतांबरी तिवारी, रजनी अरेले, राजेश्वरी दुबे, शकुंतला चौबे, मंजू रानी, पूनम कोरी और रंजना चौरसिया सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और सहायिकाएं उपस्थित रहीं।
"जब उपकरण ही काम नहीं करेंगे और ऐप ठीक से नहीं चलेगा, तो हम जमीनी स्तर पर सेवाएं कैसे दे पाएंगे? ऊपर से कम वेतन ने हमारी कमर तोड़ दी है।" - यूनियन प्रतिनिधि
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